विकास खण्ड विक्रमजोत के ग्राम पंचायतों के विकास में सबसे बड़े बाधक बीडीओ अबध प्रताप सिंह
सुधांशु मिश्र
संवाददाता बस्ती। बस्ती जिले के विकास खण्ड विक्रमजोत के खण्ड विकास अधिकारी अवध प्रताप सिंह ग्राम पंचायत विकास के लिए विनाशक अगर ग्राम पंचायत में काम करवाने के लिए कार्ययोजना की संस्तुति करवानी है उसके नाम पर पहले शुरूआत होता है वसूली तब मिल पाती है संस्तुति। अब यहीं से शुरूआत होती है बीडीओ विक्रम जोत अवध प्रताप सिंह के काले कारनामों और भ्रष्टाचार का साम्राज्य का काला चिट्ठाजगत। नाम न छापने के शर्त पर ग्राम प्रधान और सचिव स्तर से जानकारी मिली की किस कदर से अवाध धन कमाई की हवस ने बीडीओ अवध प्रताप सिंह को बना दिया है धनभक्षी हैवान।अपितु करना पड़ता है फरमाइशी मांग को पूरा नही तो बनना पड़ता है सचिव और प्रधान को उत्पीड़न और शोषण का शिकार।सूत्र से मिली जानकारी के मुताबिक वृक्षारोपण से लेकर स्ट्रीट लाइट, बेंच से लेकर सोख्ता,तालाब खुदाई से लेकर खेत समतलीकरण, आंगनबाड़ी भवन निर्माण से लेकर बाउण्ड्रीवाल निर्माण पर धन भुगतान के पहले बीडीओ अवध प्रताप सिंह द्वारा चलाए जा रहे निजी नियम का पालन सचिव और प्रधान को करना है अन्यथा धन का भुगतान रोक लिया जाता है अगर बीडीओ साहब को अपने हिस्सेदारी की रकम पहले मिल जाती है तो ग्राम पंचायत के भुगतान में देरी नही लगती चाहे योजना के तहत निर्धारित स्थल पर निर्माण कार्य धरातल पर कारित न किया गया हो। ग्राम पंचायत में स्थापित गौशाला में रह रहे गौवंशों के चारा का मामलात हो या अन्य बीडीओ विक्रमजोत को अपने हिस्से से मतलब चाहे प्रधान मंत्री आवास योजना हो या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मिलने वाले पात्रों को आवास गरीबों से चाहिए बीडीओ को चाहिये हिस्से की मोटी रकम।विकास खण्ड विक्रमजोत के बीडीओ अवध प्रताप सिंह पर आखिरकार किसका संरक्षण प्राप्त है जिसके कारण ग्राम पंचायतों से खुलेआम करतें हैं धन उगाही कभी जिले के उच्च अधिकारियों के नाम पर कभी जनप्रतिनिधियों को देने के नाम पर ग्राम प्रधान और सचिवों से होती है धन उगाही।बीडीओ विक्रम जोत के दबंगई का यह आलम है कि गरीब शिकायत पत्र लेकर उनके पास जाने से डरते हैं।क्षेत्र की जनता में अपने कार्यशैली से बीडीओ बने हुए चर्चित जिससे जनता में बढ़ रहा जनाक्रोश।बीडीओ विक्रम जोत द्वारा क्षेत्रीय विधायक को रिस्तेदार और उत्तर प्रदेश सरकार के कई स्वजातीय मंत्री को रिस्तेदार बताते नहीं थकते उसी की धौंस दिखाकर सभी पर अपना धौंस जमाते रहते हैं।उत्तर प्रदेश सरकार के नियम विरुद्ध अपने द्वारा बनाए हुए नियम को जबरन थोप रहे हैं।



















