मुकदमा दर्ज होने के 45 दिन बाद भी अपराधी खुला घूम रहा, पुलिस की पकड़ से बाहर
सहारनपुर!
सहारनपुर जिले में फर्जी दस्तावेजों के सहारे ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं, जिसमें टोपिया सराय, कोतवाली मंडी निवासी मरगूब आलम का नाम बार-बार सामने आ रहा है। हाल ही में उसने मोहम्मद इजहार से 15 लाख रुपये का बयाना ठग लिया,
लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हो रही। इससे न केवल पीड़ित परिवार परेशान हैं, बल्कि समाज में कानून के प्रति विश्वास भी कमजोर हो रहा है।
मरगूब आलम ने हबीबपुर (तपोवन, परगना फिरोजाबाद) की 0.420 हेक्टेयर जमीन के लिए 50 लाख रुपये की डील तय की।
फर्जी दस्तावेज दिखाकर उसने इजहार से 15 लाख बयाना ले लिया, जो शादाब आलम के नाम दर्ज थे। पैसे लौटाने पर मरगूब ने इजहार और उसके भाई हैदर को जान से मारने की धमकी दी।
थाना मिर्जापुर ने 30 दिसंबर 2025 को बीएनएस धारा 318(4), 338, 336(2), 340(2), 352, 351(2) के तहत मुकदमा दर्ज किया, लेकिन 45 दिनों से अधिक बीतने के बावजूद मरगूब खुला घूम रहा है।मरगूब आलम की गिरफ्तारी को लेकर सहारनपुर पुलिस ने अभी तक कोई आधिकारिक योजना या बयान सार्वजनिक नहीं किया है। थाना मिर्जापुर में दर्ज मुकदमे के 45+ दिन बाद भी विवेचना जारी होने का बहाना बनाया जा रहा है,
जिससे लगता है कि कोई तत्काल कार्रवाई की योजना नहीं है। इससे पहले मरगूब ने तालिब अहमद से स्टील माल के नाम पर 10 लाख रुपये ठगे और धमकी दी। दिलचस्प बात यह है कि मरगूब खुद को शिकायतकर्ता बनाकर इजहार और उसके भाई पर 45 लाख की धोखाधड़ी का फर्जी मुकदमा दर्ज कराने की कोशिश कर रहा है। पीड़ित इजहार ने पुलिस को फर्जी रजिस्ट्री सौंपी, लेकिन विवेचना का बहाना बनाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया गया।
#सूत्रों की मानें तो मरगूब आलम ने पंजाब नेशनल बैंक और बजाज फाइनेंस के साथ भी धोखाधड़ी का कोई मामला रचा है। इसकी विस्तृत जांच की जरूरत है, क्योंकि उसकी ठगी की रकम और नेटवर्क लगातार बढ़ता जा रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि सहारनपुर जैसे शहरों में एआई टूल्स से फर्जी कागजात बनाकर करोड़ों की डील आम हो गई है, और मरगूब इसका कुख्यात उदाहरण है। वह habitual offender है, जो लोगों की मेहनत की कमाई लूटता है और कानून का मजाक उड़ाता है। पीड़ित परिवारों ने एसएसपी सहारनपुर से मांग की है एसआईटी गठित कर मरगूब की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए



















