अयोध्या। अयोध्या के संत स्वामी परमहंस दास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर यूजीसी (UGC) से जुड़े कानूनों और प्रस्तावित नियमों पर कड़ा विरोध जताया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि यदि सरकार यूजीसी के वर्तमान कानूनों को वापस नहीं लेती, तो उन्हें इच्छामृत्यु की अनुमति दी जाए। स्वामी परमहंस दास ने पत्र में लिखा है कि यूजीसी के नए नियम देश की शिक्षा व्यवस्था, सामाजिक संतुलन और राष्ट्रीय एकता के लिए घातक सिद्ध हो रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नीतियों के माध्यम से समाज को जातियों में बांटने का प्रयास किया जा रहा है और राष्ट्रविरोधी मानसिकता को बढ़ावा मिल रहा है। संत ने यह भी कहा कि यूजीसी की नीतियों के कारण छात्रों और युवाओं में असंतोष, मानसिक तनाव और असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो रही है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह राष्ट्रहित में यूजीसी कानूनों की समीक्षा करे और उन्हें तत्काल वापस ले। पत्र के अंत में स्वामी परमहंस दास ने भावुक अपील करते हुए लिखा कि यदि सरकार उनकी बातों पर ध्यान नहीं देती, तो उन्हें जीने का नैतिक अधिकार नहीं रह जाता, इसलिए इच्छामृत्यु की अनुमति प्रदान की जाए।
इस पत्र के सामने आने के बाद शिक्षा जगत और राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया



















