संतकबीरनगर : नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव।

Sudhanshu Mishra
0

नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव।




द्वितीय दिवस में राष्ट्रीय संत बाल योगी श्री पचौरी महाराज ने सुनाया विदुर चरित्र और वाराह अवतार प्रसंग।


संतकबीरनगर। भक्ति , श्रद्धा और आध्यात्मिकता से ओतप्रोत वातावरण में जनपद के  इंडस्ट्रियल एरिया, खलीलाबाद  स्थित कथा पंडाल में नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा महोत्सव  के दूसरे दिन का शुभारंभ विधि-विधानपूर्वक पूजन-अर्चन के साथ हुआ। कथा का आयोजन 11 अक्टूबर से 19 अक्टूबर 2025 तक किया जा रहा है।


कथा स्थल को विशेष रूप से सजाया गया है — पुष्पों की मनमोहक सजावट, रंग-बिरंगी झालरें और विद्युत सज्जा से पूरा पंडाल दिव्यता से आलोकित हो उठा। मंच पर विराजमान राष्ट्रीय संत बाल योगी श्री पचौरी महाराज (चार संप्रदाय, वृंदावन) ने कथा के द्वितीय दिवस में विदुर चरित्र , वाराह अवतार एवं  कपिल अवतार  के दिव्य प्रसंगों का रसपान कराया।


संत पचौरी महाराज ने कहा कि “श्रीमद् भागवत कथा का श्रवण जीवन का परम साधन है, जो मनुष्य को मोह-माया से मुक्त कर परमात्मा के सान्निध्य तक पहुंचाता है।” उन्होंने श्रद्धालुओं को सत्संग, साधना और सेवा के महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि “भागवत कथा का श्रवण करने से जीवन में सद्भाव, शांति और ज्ञान का प्रकाश फैलता है।”


कथा के यजमान श्रीमती उर्मिला सिंह एवं रामकुमार सिंह रहे, जिन्होंने व्यासपीठ पूजन के साथ कथा का विधिवत शुभारंभ कराया। वेद-मंत्रों की गूंज और शंखध्वनि से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।


इस अवसर पर रामकुमार सिंह (पूर्व प्रधानाचार्य, एच.आर. इंटर कॉलेज, खलीलाबाद) एवं इंजीनियर सुधांशु सिंह (उपाध्यक्ष भाजपा संतकबीरनगर एवं प्रतिनिधि, एमएलसी संतोष कुमार) ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कथा के सफल आयोजन की मंगलकामना व्यक्त की।


कथा के अंत में बाल योगी श्री पचौरी महाराज ने कहा कि भागवत कथा केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को सत्य, भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलाने वाली प्रेरणा है। प्रत्येक व्यक्ति को प्रतिदिन कथा श्रवण कर अपने जीवन को सार्थक बनाना चाहिए।


कथा आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम में प्रतिदिन विविध धार्मिक प्रसंगों के साथ भजन-संकीर्तन एवं प्रसाद वितरण का आयोजन रहेगा। समापन दिवस पर हवन, पूजन और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।


कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जलपान, प्रसाद वितरण और बैठने की व्यवस्था की गई थी। क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक एवं श्रद्धालु कथा श्रवण हेतु उपस्थित रहे और भक्ति भाव से कथा का आनंद लिया।

Post a Comment

0 Comments

Please Select Embedded Mode To show the Comment System.*

To Top