BASTI : प्राकृतिक नमक ही शरीर के लिए असली औषधि - डॉ नवीन सिंह

Sudhanshu Mishra
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BASTI : प्राकृतिक नमक ही शरीर के लिए असली औषधि - डॉ नवीन सिंह 



बस्ती। हमारे शरीर को स्वस्थ बनाए रखने के लिए प्राकृतिक नमक बेहद जरूरी है। लेकिन आज अधिकांश लोग समुद्री नमक का सेवन करते हैं, जिसमें आयोडीन मिलाकर उसे बाजार में बेचा जाता है। नमक विशेषज्ञों का मानना है कि समुद्री नमक अपने आप में ही शरीर के लिए हानिकारक है और उसमें आयोडीन मिलाकर इसे और भी खतरनाक बना दिया गया है। अधिक आयोडीन के कारण नपुंसकता जैसी गंभीर समस्या तक हो सकती है।


सेंधा नमक: शुद्ध और औषधीय गुणों से भरपूर


आयुर्वेद में सेंधा नमक को सबसे शुद्ध और उत्तम नमक बताया गया है। यही कारण है कि व्रत के भोजन में भी केवल सेंधा नमक का उपयोग किया जाता है। इसके सेवन से –


रक्तचाप नियंत्रित रहता है।

पाचन शक्ति मजबूत होती है।

हृदय के लिए लाभकारी माना जाता है।

डायबिटीज़ और लकवे जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है


ऐतिहासिक महत्व


उत्तर भारतीय उपमहाद्वीप में सेंधा नमक को ‘सैन्धव नमक’ कहा जाता था, जिसका अर्थ है – सिंधु क्षेत्र से आया हुआ नमक। इसे व्यापारिक रूप से ‘लाहौरी नमक’ भी कहा जाता था, क्योंकि यह व्यापार के रास्ते लाहौर से पूरे उत्तर भारत में पहुंचता था।

1930 से पहले तक भारत में समुद्री नमक का कोई प्रचलन नहीं था। उस समय लोग सेंधा नमक ही खाते थे।


सफेद सेंधा नमक सर्वोत्तम


सेंधा नमक सफेद और लाल दोनों प्रकार में मिलता है। विशेषज्ञों के अनुसार सफेद रंग वाला सेंधा नमक सर्वोत्तम है।

यह –

त्रिदोष शामक है।

शीतवीर्य (ठंडी तासीर) वाला और पचने में हल्का है।

पाचक रस को बढ़ाता है।

रक्त विकार, दस्त, कृमि और रुमेटिज़्म जैसी बीमारियों में उपयोगी है।

आंखों के लिए भी हितकारी है।


आयोडीन का विकल्प


विशेषज्ञों का कहना है कि आयोडीन सिर्फ नमक से ही नहीं, बल्कि हमारी रोज़मर्रा की सब्जियों से भी पर्याप्त मात्रा में मिल जाता है। आलू, अरवी और हरी सब्जियों में भरपूर आयोडीन पाया जाता है। ऐसे में सिर्फ आयोडीन के नाम पर समुद्री नमक का अधिक सेवन करना समझदारी नहीं है।


विशेषज्ञ की राय


डॉ. नवीन सिंह, प्रोफेसर, अखंड एक्यूप्रेशर रिसर्च ट्रेनिंग एंड ट्रीटमेंट इंस्टीट्यूट, प्रयागराज का कहना है –

सेंधा नमक हृदय और पाचन के लिए उत्तम है। यह न केवल रक्तचाप को नियंत्रित करता है, बल्कि शरीर में त्रिदोष को संतुलित रखता है। यही कारण है कि इसे आयुर्वेदिक औषधियों में भी विशेष महत्व दिया गया है।”


 इस प्रकार सेंधा नमक केवल एक मसाला नहीं, बल्कि एक प्राकृतिक औषधि है जो हमारे स्वास्थ्य की रक्षा करती है।

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