BASTI : व्यवस्था को मुँह चिढ़ा रहा है परिषदीय संविलयन स्कूल अमरडोभा।

Sudhanshu Mishra
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 व्यवस्था को मुँह चिढ़ा रहा है परिषदीय संविलयन स्कूल अमरडोभा।

  




-तैनाती वाले स्कूल की बजाय पास के निजी स्कूल में पूरा समय बिताते हैं प्रधानाध्यापक


   बनकटी/बस्ती।(बीपी लहरी) बेसिक शिक्षा विभाग को विभाग के अधिकारी ही अपने स्वार्थ के बशीभूत होकर कामचोर और भ्रष्ट शिक्षकों को संरक्षण देने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिससे परिषदीय शिक्षा दिन-प्रतिदिन चौपट होती जा रही है। जबकि प्रदेश शासन शिक्षा पर पानी की तरह धन खर्च करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है।बनकटी ब्लाक में ऐसे सैंकड़ों शिक्षक बताये जा रहे हैं जो ड्यूटी किये बगैर वर्षों से वेतन का उपभोग कर विभाग की पारदर्शिता को मुँह चिढ़ा रहे हैं।

     गुरुवार 09 अक्टूबर 2025 को प्रेस टीम ने सुबह नौ बजे संविलयन स्कूल अमरडोभा का पड़ताल किया। जहाँ नौ बजकर दस मिनट पर स्कूल का गेट खुला। तथा शिक्षकों समेत बच्चों  ने प्रवेश किया। लेकिन प्रधानाध्यापक बिशम्भर नाथ वर्मा अनुपस्थित रहे। वहीं शिक्षा मित्र जगदम्बा पाल सायकिल खराब होना बताकर दो घन्टे लेट ड्यूटी पर पहुँचे। जबकि शेष सहायक शिक्षक सभाजीत,संदीप कुमार राजकुमार व महिला शिक्षक अभिलाषा प्रार्थना के बाद शिक्षण कार्य करने लगे। स्थानीय महिला सफाई कर्मी के महीनों से गायब रहने के कारण स्कूल परिसर में जगह-जगह कूड़ा करकट का ढेर लगा हुआ है। शौचालय में गन्दगी से दुर्गंध का साम्राज्य वातावरण में जहर घोलते हुए स्कूल में कायम अव्यवस्था की चुगली कर रहा है। देखने से ही प्रतीत होता है कि स्कूल के कक्षों दीवारों को रंग-रोगन व चूना-कली का लम्बे अरसे से इन्तजार है। सामानों के रख रखाव की व्यवस्था समुचित नहीं है। अनेक कमरों की दीवारें फट रही हैं तथा खिड़कियां टूट चुकी हैं। कहीं कहीं कमरे की वायरिंग दीवार छोड़कर झूल रही है।पर्याप्त परिसर उपलब्ध होने के बाद भी बच्चों के खेलने हेतु जमीन समतल नहीं है। कुल मिलाकर स्कूल में अव्यवस्था का बोल बाला है।

     सहायक शिक्षक सभाजीत ने टीम को पूँछने पर बताया कि स्कूल में पंजीकृत बच्चों की संख्या कुल 67 है। जिसमें लगभग 40 बच्चे आये हैं।दो रसोइया हैं जिसमें सुभागी उपस्थित और उषा अनुपस्थित हैं।

        नाम न छापने की शर्त पर अनेक ग्रामीणों ने पूँछने पर बताया कि स्कूल का प्रधानाध्यापक ही स्कूल की प्रगति में बाधक है। जो सरकारी स्कूल में पढ़ाने के नाम पर पर्याप्त वेतन का उपभोग तो करता है लेकिन वह अपने षड्यंत्र से अपने निजी विद्यालय के देखभाल करने में ही सारा समय गुजारता है।  ग्रामीणों ने आगे बताया कि इस स्कूल में स्थानान्तरण होकर आने के बाद से प्रधानाध्यापक गांव की एक अविवाहिता से अवैध तरीके से वर्षों तक शिक्षण कार्य कराते रहा। जिसकी जानकारी ग्रामीणों समेत स्कूल के महिला शिक्षक और शिक्षामित्र के अलावा विभाग के जिम्मेदारों को भी है। लेकिन मैनेज होने के कारण शिक्षकों को कौन चलाये विभाग के जिम्मेदार अधिकारी तक मूकदर्शक बनकर कार्यवाही करना तो दूर प्रधानाध्यापक को यहाँ से तबादला करना उचित नहीं मानते। क्यों कि जालसाज प्रधानाध्यापक का निजी विद्यालय भी आसपास में है। 

    ऐसे जालसाज शिक्षक बनकटी ब्लाक में सैकड़ों बताये जाते हैं। जो ड्यूटी किये बगैर विभागीय अधिकारियों को मैनेज कर बेरोकटोक वेतन का उपभोग कर रहे हैं। जिसकी पोल अगले अंक में खोली जायेगी। 

     सम्पूर्ण आरोपों के सम्बन्ध में ए डी बेसिक बस्ती मंडल संजय कुमार शुक्ल ने कहा कि मामले की जांच कराकर आवश्यक कार्यवाही किया जायेगा।

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