BASTI : बस्ती जिले में चोर-चोर का शोर मचाने और उन्हें पीटने के आरोप में कई लोगों के विरुद्ध पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किया गिरफ्तार।
राहगीरों को चोर समझकर खेतों में दौड़ाया लाठी डंडे के साथ मचाया चोर-चोर का शोर खेत में घेर कर पीटने के पहले पहुंची पुलिस परन्तु
जुटी भीड़तंत्र ने निरीह पागल अजनबी को पीटते रहे पुलिस मना करती रहे लोग पीटते रहे झूठी अफवाह फैलाने और निर्दोष को अनावश्यक पीटने के अपराध में पुलिस ने जिले के कई थाना में दोषी लोगों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज की कार्रवाई।
बस्तीवासियों आपको याद दिलाना चाहता हूँ कि ड्रोन उड़ाकर चोरी करने की अफवाह से पहले चोटी कटवा, मुँह नोचवा और लकड़बग्घा ढोकर कसवा कच्छा बण्डी आदि जैसी घटनाओं को भी याद कर लो। वो सब भी बाद में अफवाह ही निकला था। कुछ असामाजिक तत्व इसे अंजाम देने के लिए अफवाह फैलाते हैं और हम उसे सच स्वीकार कर लेते हैं।
आज जो ड्रोन से चोरी की अफवाह समाज में फैलाकर दहशत का माहौल पैदा किया जा रहा उसका सिर्फ और सिर्फ योगी सरकार को बदनाम करने का एकमात्र उद्देश्य है। चोरी की घटनाएं पहले भी घटित होती थी। अब उसे ड्रोन से जोड़कर समाज में दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। ताकि लोग सरकार के प्रति नफरत करने लगे और चुनाव में सरकार के विरोध में विपक्षी दलों को वोट दें।
ड्रोन से चोरी की बात को समझने के लिए जरा सा दिमाग लगाना होगा। ड्रोन आकाश में घरों की ऊँचाई से कुछ ऊपर उड़ता है। उसमें कैमरे लगे होते हैं। सिर्फ ड्रोन घर के बाहर और आपकी छत की स्थिति को कैद कर सकता है। किसी भी दशा में घर के अंदर और घर में रखे सामान की स्थिति ड्रोन के कैमरे नहीं कैच कर सकते। फिर भी आम जनमानस में ये अफवाह फैलाई जा रही है कि ड्रोन से घर के अंदर रखे सामान भी चोर पता लगा ले रहे हैं।
अब आप ड्रोन के कार्य का निचोड़ जान लो ड्रोन उड़ने की अफवाह से आम जनमानस का ध्यान ड्रोन जहाँ दिखता है वहाँ चला जाता है। ड्रोन के चक्कर में लोग अपने घर का दरवाजा भी नहीं बन्द कर पाते और ड्रोन देखने पहुँच जाते हैं। बस इसी का फायदा चोर उठा रहे हैं। इससे बचने के लिए वो कहावत स्मरण करिये कि एक ब्यक्ति को दूसरे ब्यक्ति ने कहा कि तुम्हारा कान तो कौव्वा काट ले गया।
बस इतना सुनते ही वह ब्यक्ति कौआ को खेद लेता है और अपना कान नहीं खोजता कि उसका कान उसके शरीर में है न कि कौआ काट ले गया। परंतु उसे इसका एहसास तीसरे ब्यक्ति के टोकने पर होती है। जब तीसरा ब्यक्ति कहता है कि भईया काहे दौड़ रहे हो तो वह ब्यक्ति कहता कि उसका कान कौआ काटकर उड़ गया। उसी को पकड़ने के लिए वह दौड़ रहा है। तब तीसरे ब्यक्ति ने कहा कि भईया तुम्हारा कान तो तुम्हारे सिर में दोनों तरफ वहीं हैं जहाँ उसे होना चाहिए। तुम किसके कान की बात कर रहे हो।
तब उस ब्यक्ति को होश आया और वह प्रायश्चित किया कि बिना कान टोये कौआ के पीछे उसे नहीं दौड़ना चाहिए था। यही स्थिति आज ड्रोन से चोरी की है। चोरियां पहले भी होती थी और आज भी हो रही हैं। बस चोर और असामाजिक तत्वों ने उसे ड्रोन से जोड़ कर समाज में अफवाह फैलाकर चोरी करने का नया हथकंडा अपनाए हैं। क्योंकि हमारे देश में अफवाह फैलाना बहुत ही आसान है। अफवाह फैलाकर ध्यान भटकाना और मौका पाकर अपना काम पूरा कर लेना ही चालाक लोगों का इतिहास रहा है।



















