जमौलिया माफी में विकास कार्यों पर उठे सवाल, ग्रामीणों ने प्रधान-सचिव पर लगाए गंभीर आरोप

Sudhanshu Mishra
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बस्ती। विकास खंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत जमौलिया माफी में विकास कार्यों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। गांव के राकेश, छोटू, राम कुमार और अजय सहित कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की मिलीभगत के चलते पिछले पांच वर्षों से अधिक समय में पंचायत में अपेक्षित विकास कार्य नहीं हुए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी अभिलेखों में लाखों रुपये के विकास कार्य दर्शाए गए हैं, लेकिन गांव की सड़कों, नालियों, जल निकासी व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति बदहाल बनी हुई है। कई स्थानों पर आज भी लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। उनका आरोप है कि विकास कार्यों के नाम पर केवल कागजी खानापूर्ति की गई है, जबकि जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां करती है।

ग्रामीणों ने बताया कि कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत पत्र देकर मामले की जांच की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। इससे ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति भी नाराजगी बढ़ रही है। उनका कहना है कि यदि पंचायत में खर्च हुई धनराशि और कराए गए कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितताओं का खुलासा हो सकता है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पंचायत में हुए विकास कार्यों का सामाजिक ऑडिट कराने की भी मांग उठाई है।

वहीं, मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। ग्रामीणों को अब प्रशासनिक जांच और कार्रवाई का इंतजार है।

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