बस्ती जिले के लालगंज थाना क्षेत्र के मेहनौना गांव में जमीनी विवाद ने एक बार फिर खूनी रूप ले लिया। गांव निवासी 50 वर्षीय लक्ष्मण निषाद की कथित तौर पर पीट-पीटकर हत्या कर दी गई, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गांव में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है।
बताया जा रहा है कि लक्ष्मण निषाद का कुछ लोगों से जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। आरोप है कि विवाद के दौरान उन पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए और आरोपित पक्ष के घर पर तोड़फोड़ की घटना भी सामने आई।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस और प्रशासन को अतिरिक्त बल बुलाना पड़ा। गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी तैनात कर दी गई है और पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। हर गतिविधि पर पुलिस की नजर बनी हुई है।
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन विवाद की शिकायत कई बार पुलिस से की गई थी, लेकिन समय रहते प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि यदि शिकायतों को गंभीरता से लिया गया होता तो आज एक व्यक्ति की जान नहीं जाती।
घटना के बाद लालगंज पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में लोगों के बीच पुलिस की भूमिका को लेकर चर्चा और नाराजगी देखने को मिल रही है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आरोपितों की तलाश की जा रही है। गांव में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या समय रहते कार्रवाई होती तो लक्ष्मण निषाद की जान बच सकती

